प्रायः पूछे गये प्रश्न

ब्रिट का गठन कब और क्यों किया गया ?

मार्च 1989 में परमाणु ऊर्जा विभाग के एक स्वतंत्र एकक के रूप में ब्रिट का गठन हुआ । परमाणु विज्ञान के शांतिमय अनुप्रयोगों को व्यवासायिक स्तर पर उपलब्ध कराने के लिये ब्रिट की स्थापना की गई । ब्रिट के गठन से पहले सामाजिक लाभ की दृष्टि से विभिन्न आइसोटोप एवं विकिरण उत्पाद भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के आइसोटोप ग्रुप द्वारा उपलब्ध कराये जाते थे ।

ब्रिट का मुख्यालय कहां है ? क्या अन्य केंद्रों से भी ब्रिट के विषय में जानकारी हासिल की जा सकती है ?

ब्रिट का मुख्यालय वाशी, नवी मुंबई में स्थित है । ब्रिट की कुछ प्रमुख ईकाइयां भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र से भी जुडी है जिनके विषय में वहां से संबंधित जानकारी हासिल की जा सकती है । इसके अतिरिक्त अणुशक्ति नगर मुंबई में ब्रिट का ग्राहक सहायता केंद्र विशेष रूप से ग्रहकोपयोगी जानकारी हासिल कराता है । ब्रिट के 6 प्रादेशिक केंद्र बेंगलुरु, दिल्ली, डिब्रूगढ़, हैदराबाद, कोलकाता एवं कोटा में स्थित है ।

ब्रिट के प्रमुख उत्पाद एवं सेवाओं के बारे में संक्षेप में बतायें ।

मुख्यतयः ब्रिट आइसोटोप एवं विकिरण के क्षेत्र में कार्यशील है । रेडियोफार्मास्यूटिकल्स, रेडियोइम्युनोएस्से, रेडियोरसायन, चिह्नित यौगिक, विभिन्न प्रकार के विकिरण स्त्रोत, विकिरण आधारित उपकरण के अतिरिक्त विकिरण द्वारा निरजर्मीकरण के क्षेत्र में ब्रिट अग्रणी भूमिका निभा रहा है ।

नाभिकीय चिकित्सा का क्या तात्पर्य है ।

नाभिकीय चिकित्सा पद्धति आधुनिक चिकित्सा जगत का एक महत्वपूर्ण अंग है । विकिरण एवं आइसोटोप के अनुप्रयोगों द्वारा रोग निदान, उपचार एवं उसके विषय में विस्तृत जानकारी हासिल करने में नाभिकीय चिकित्सा एक अहम भूमिका निभा रही है ।  

मुख्य रूप से ब्रिट का चिकत्सकीय कार्यक्रम किन आइसोटोपों पर आधारित है ।

वैसे तो ब्रिट कई प्रकार के आइसोटोप या उनसे विनिर्मित उत्पादों को उपलब्ध करता है तथापि आयोडीन- 131,  टैक्नीशियम - 99एम तथा फास्फोरस- 32  चिह्नित उत्पाद विशेष रूप से चिकित्सा के क्षेत्र में उपयोगी साबित हुये हैं । कोबाल्ट-60 पर आधारित मशीनें कैंसर के उपचार में अहम भूमिका निभा रही हैं ।

चिकित्सीय साइक्लोट्रान फैसिलिटी के विषय में कुछ जानकारी दें । 

टाटा मैमोरियल केंद्र के परिसर में संस्थापित यह सुविधा प्रमुख रूप से फ़्लोरीन - 18 चिह्नित डिआक्सी ग्लुकोस (18-एफ़डीजी) उपलब्ध कराती है । पोसिट्रान एमीशन टोमोग्राफी में एफडीजी  विशेष भूमिका निभाता है । कैंसर, हृदय रोगों एवं मष्तिश्कीय रोगों के विषय में अद्भुत जानकारी दिलाने में एफ़डीजी बहुत सक्षम एवं खरा उतरा है ।  

फिशन मोलिब्डनम प्रोजैक्ट का क्या उद्देश्य है ?

रेडियोफार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में टैक्नीशियम- 99एम एक बहुपयोगी आइसोटोप है । वर्तमान काल में इसका उत्पादन नाभिकीय अभिक्रिया द्वारा किया जाता है । नाभिकीय फ़िशन द्वारा भी इसका उत्पादन किया जा सकता है । इस प्रोजैक्ट के तहत हमारा उद्देश्य उच्च रेडियोसक्रियता वाले मोलिब्डनम - 99 के उत्पादन से है जिसके द्वारा हम कालांतर में उच्च कोटि के टैक्नीशियम- 99एम का उत्पादन कर सकते है ।

विकिरण संसाधन  
रक्त किरणक

रेडियोफार्मास्युटिकल
्स
चिह्नित यौगिक

 

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